🌹 नमस्ते, मैं हूँ पूजा 🌹
“लफ्ज़ वही हैं, मगर अंदाज़ मेरा है,
मैं शायरी नहीं, एक एहसास हूँ पूजा।”
मेरे बारे में:
नमस्ते दोस्तों,
मैं पूजा — एक शायरा, एक लफ्जों की सिलेबस, और एक दिल की बातों को कागज पर उतारने वाली कलमकार।
मुझे शायरी लिखे हुए 10 साल हो चुके हैं। ये सफर तब शुरू हुआ था जब मैंने महसूस किया कि हर दर्द, हर खुशी, और हर चुप्पी को लफ्जों की जरूरत होती है। मेरी कलम ने ग़म भी लिखे, इश्क़ भी लिखा, जिंदगी भी लिखी और खुद को भी।
मेरी शैली:
मैं ग़ज़ल, नज़्म, कोरे दोहे और आधुनिक शायरी लिखती हूँ। मेरे लिखे में आपको:
- दिल का सच
- सादगी का सुरूर
- और उम्मीद की किरण मिलेगी।
अनुभव:
📜 10+ वर्ष — लगातार लेखन
🎤 कई कवि सम्मेलनों और मुशायरों में शिरकत
📖 रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित
💬 हजारों दिलों तक पहुँच चुकी मेरी शायरी
क्यों पढ़ें मुझे?
क्योंकि मैं केवल शब्द नहीं लिखती — मैं आपके दिल की आवाज़ लिखती हूँ।
अगर आपने कभी किसी बात को कहा ही नहीं, तो समझिए वो बात मेरी शायरी में छुपी है।
मेरी एक रचना आपके नाम:
“कलम तो सबकी चलती है, मगर दर्द से नाता मेरा है,
मोहब्बत भी लिखा, जुदाई भी लिखा, हर लम्हा हरा-भरा मेरा है।”
— पूजा